ईलैक्ट्रॉनिक्स part 1



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> विज्ञान की वह शाखा जिसमें इलेक्ट्रोन एवं अन्य आवेश वाहको का, निर्वात एवं अद्धर्चालको मे से प्रवाह एवं उंके अनुप्रयोगो का अध्यय्न किया जाता है। इलेक्ट्रोनिक्स कहलाती है। > इलेक्ट्रॉनिक परिपथो में प्रयोग किये जने वाले पुर्जे दो प्रकार के होते है 1.निष्क्रिय घटक ( passive )  ( 2.) सक्रिय घटक (active)
> जो पुर्जे ओह्म किरचॉफ आदि के नियमों का अनुपालन करते है वह निष्क्रिय घटक कहलाते है। > जो पुर्जे ओह्म किरचॉफ आदि के नियमों का अनुपालन नहि करते है वह सक्रिय घटक कहलाते है
। > सक्रिय घटक्= > निष्क्रिय घटकर


> किसी भी घटक के परमाणु का एक केंद्रिय कोर होता है जिसे नाभिक कहते है। > प्रोटोन पर धनात्मक आवेश तथा इलेक्ट्रॉन पर ऋणात्मक अवेश होता है। > न्यूट्रॉन आवेश रहित होता है। > ठोस मे अणु तथा परमाणु के बीच तीन प्रकार के सम्बंध होते है 1. आयनिक 2. असंयोजक बंधन 3. धात्विक बंधन

> चालको की अंतिम कक्षा में 1,2,3,,6,7, इलैक्ट्रॉन होते है। > अचालको कि अंतिम कक्षा में 8 इलैक्ट्रॉन होते है। > अर्धचालको कि अंतिम कक्षा में 4 इलेक्ट्रॉन होते है। > प्रमुख अर्धचालक है, जर्मेनियम (32) तथा सिलिकॉन (14) > कूचालक  (अचालक)  पदार्थ, विधुत के कुसंवाहक होते है। > अर्धचालक पदार्थों में परमाणु क्रमिक रूप से व्यवस्थित रहते हैजिसे क्रिस्टल लेटिससंरचना कहते है > संयोजि इलैक्ट्रॉन को बांटने वाले परमाणु संघ को असंयोजक बंध कहते है। > शुद्ध अर्धचलक पदार्थ वैज अर्धचालक (इन्ट्रिन्सिक) पदार्थ कहलाते है। > अशुद्धियुक्त अर्धचालक पदार्थ एक्सट्रिन्सिक पदार्थ कहलाते है।

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