ईलैक्ट्रॉनिक्स part 5



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> दिष्टकरी परिपथ चार प्रकार के होते है 1- अर्द्ध तरंग दिष्टकारी 2- पूर्ण तरंग
दिष्टकारी 3- सेतु पूर्ण दिष्टकारी 4- तीन फेज दिष्टकारी
> अर्द्ध तरंग दिष्टकारी परिपथ मे केवल एक डायोड प्रयोग किया जाता है
> अर्द्ध तरंग दिष्कारी परिपथ की निर्गत (output) डी.सी वोल्टेज,निवेश (input)
ए.सी वोल्टेज की 0.45 गुणा होती है अर्थात यदि निवेशी 12 वोल्ट ए.सी है तो
निर्गत 5.4 वोल्ट डी.सी होगी
> अर्द्ध तरंग दिष्ट्कारी परिपथ की निर्गत आवृती ए.सी निवेश आबूती के बराबर होती
> तरंग दिष्टकारी परिपथ मे दो डायोड प्रयोग किया जाता है तथा एक केंद्र टैप
ट्रांसफार्मर प्रयोग किया जाता है।
> पूर्ण तरंग दिष्ट्कारी परिपथ की निर्गत (output) डी.सी वोल्टेज,निवेश (input)
ए.सी वोल्टेज की 0.9 गुणा होती है अर्थात यदि निवेशी 12 वोल्ट ए.सी है तो निर्गत
10.8 वोल्ट डी.सी होगी
> पूर्ण तरंग दिष्टकारी परिपथ की निर्गत आवृती ए.सी निवेश आवृती की दो गुना होती
> सेतु दिष्टकारी परिपथ मे चार डायोड प्रयोग किया जाता है।
> सेतु दिष्ट्कारी परिपथ की निर्गत output) डी.सी वोल्टेज,निवेश (input) ए.सी
वोल्टेज की 0.9 गुणा होती है अर्थात यदि निवेशी 12 वोल्ट .सी है तो निर्गत 10.8
वोल्ट डी.सी होगी
> सेतु दिष्टकारी परिपथ की निर्गत आवृती ए.सी निवेश आवृती की दो गुना होती है।
> दिष्टकारी परिपथ के द्वारा निर्गत मे प्राप्त वोल्टता के  उतर चढाव को स्पन्दमान या
ऊर्मिका आवृती कहलाती है।
> दिष्ट्री के डी.सी निर्गत मे से स्पन्द को कम करने के लिये उपयोग हुए परिपथ को
ऊर्मिका फिल्टर परिपथ कहते है।
> ऊर्मिका फिल्टर परिपथ को मसृणकारी (स्मूचिंग) परिपथ भी कहते है।
> फिल्टर परिपथ मे सामान्यत: संधारित्रो, प्रेरको तथा प्रतिरोधको का संयोजन होता
> धारा के ए.सी घटको को संधारित्र निम्न प्रतिकार्यता पथ देता है तथा डी.सी के लिये
बहुत उच्च प्रतिरोध प्रस्तुत करता है।

> धारा के ए.सी घटको को प्रेरक उच्च प्रतिकार्यता पथा देता है तथा डी.सी के लिये
बहुत निम्न प्रतिरोध प्रस्तुत करता है।
> RC फिल्टर परिपथ मे R संधारित्र के निरावेशित समय को लम्बा करते हुए
संधारित्र द्वारा उपलब्ध कराये शोधन में सहायता करता है
> अधिक धारा के कारण फिल्टर परिपथ मे प्रेरक अच्छा कार्य करता है, इसलिये लोड
के सामंतर क्रम मे एक भावी प्रतिरोधक जोडा जाता है ताकि धारा का मान बढ़े
> दो इलैक्ट्रोड वाला वाल्व, डायोड वाल्व कहलाता है इसमे एक कैथोड तथा एक
एनोड होता है

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