11. विधुत वायरिंग short trick 1



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11.विधुत वायरिंग

> वायरिग की स्थापना भारतीय विद्युत नियमों के अनुसार करनी चाहिए।

> वायरिंग में प्रयुक्त सभी सामग्री ISI चिन्ह युक्त होनी चाहिए।

> लाईट एण्ड फैन के प्रत्येक उप परिपथ में 10 से अधिक और पावर के प्रत्येक

उपपरिपथ में 2 से अधिक उपयोग बिन्दु नहि होने चाहिए।

> लाईट एण्ड फैन सिंगल फेज के प्रत्येक उप परिपथ में कुल लोड 800 वॉट तथा

पावर उप परिपथ का लोड 3000 वाट से अधिक नहि होना चहिए।

> नियंत्रक स्विच बोर्ड की उंचाई फर्श से 1.3 मीटर होनी चाहिए। तथा प्रवेश द्वार

के बाई और स्थापित करना चहिए।

> सॉकिट सामान्यत: तीन पिन वाला हि होना चाहिए तथा विद्युत झटके से बचाव

हेतू अर्थ पिन को आवश्यक रूप से अर्थ कर देना चाहिए।

> सभी प्रकार कि लाईट की उचाई फर्श से 2.25 मीटर से कम नहि होनी चाहिए।

> छत के पंखो के ब्लेडस तथा फर्श के बीच न्यून्तम 24 मीटर और अधिकतम 30

मीटर का अन्तर रखा जाना चहिए ।

> सभी प्रकार की नियन्त्रक युक्तियाँ तथा फ्यूज को लाईव (फेज)चालक पर लगाना

चाहिए।

> किसी भी वैद्युतिक वायरिंग में सप्लाई चालू करने से पूर्व मैगर नामक यन्त्र द्वारा

करन्ट लीकेज परिक्षण अवश्य कर लेना चाहिए।

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