lession सिंक्रोन्स मोटर short part 1

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> नियत गति (सिंक्रोन्स गति) पर घूमने वाली मोटर सिंक्रोन्स या तुल्यकालिक मोटर| कहलाती है।> सिंक्रोन्स गति को Ns से प्रदर्शित करते है।> सिंक्रोन्स मोटर स्वंय चालू (सैल्फ स्टार्ट) नही होती।> सिंक्रोन्स मोटर का स्टार्टिग टॉर्क शून्य होता है।< सिंक्रोन्स मोटर की गति पर सामान्य लोड परिवर्तन से कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

> यदि सिंक्रोन्स मोटर पर अत्याधिक लोड बढ़ा दिया जाये तो व गति नही करेगीतथा उसकी गति शून्य हो जायेगी।> सिंक्रोन्स मोटर चुम्बकीय लोकिंग के सिद्धान्त पर कार्य करती है।> सिंक्रोन्स मोटर को वैद्युतिक ऊर्जा (A.Cतथा D.C) व यान्त्रिक ऊर्जा दी जातीहै।> सिंक्रोन्स मोटर, लिडिंग, लैगिंग तथा इकाई, किसी भी पॉवर फैक्टर पर कार्य करसकती है।

> सिंक्रोन्स मोटर मुख्यतः दो प्रकार की होती है। (1)सामान्य सिंक्रोन्स मोटर(2)ओटो सिंक्रोन्स मोटर> क्षेत्र उत्तेजना को परिवर्तित करके मोटर का पावर फैक्टर परिवर्तित किया जासकता है।सिंक्रोन्स मोटर की क्षेत्र उत्तेजना ‘सामान्य रखने पर, मोटर इकाई पॉवर फैक्टरपर कार्य करती है।> सिंक्रोन्स मोटर की क्षेत्र उत्तेजना सामान्य से कम करने पर लैगिंग (पश्चगामी)पॉवर फैक्टर प्राप्त होता है।> सिंक्रोन्स मोटर की क्षेत्र उत्तेजना सामान्य से अधिक करने पर लिडिंग (अग्रगामी)पॉवर फैक्टर प्राप्त होता है।

> सिंक्रोन्स मोटर लिडिंग पॉवर फैक्टर पर, सिंक्रोन्स कन्डेन्सर मोटर की भांति कार्यकरती है।जब सिक्रेनस मोटर लैगिंग पावर फैक्टर पर कार्य करती है तो रिलक्टेनसकहलाता है।> सिंक्रोन्स मोटर की घूर्णन गति को घटाया-बढ़ाया नहीं जा सकता है।> सिंक्रोन्स मोटर में हंटिग दोष विद्यमान होता है जिसके कारण लोड में थोड़ी सीभी वृद्धि हो जाने पर मोटर का रोटर कम्पन करने लगता है।> सेलिएन्ट पोल टाईप इन्डकशन मोटर पिंजरा प्रारूपी इन्डकशन मोटर की भांति स्वयं चालू होती है।

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