lession सिंक्रोन्स मोटर short part 2

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> पावर फैक्टर को सुधारने के लिए सिंक्रोन्स मोटर को पारेषण लाईन के समान्तरमें जोड़ा जाता है।> इन्डकशन टाइप ओटो सिंक्रोन्स मोटर स्लिप रिंग इन्डकशन मोटर की भांति स्वंयचालू होती है।> सिंक्रोन्स मोटर को चालू करने में प्रयुक्त पोनी मोटर में पोलो की संख्या सिंक्रोन्समोटर से एक जोडा कम रखी जाती है।

> मशीनों की घूर्णन गति नापने के लिए प्रयोग किया जाने वाला यन्त्र टैकोमीटरकहलाता है।सिंक्रोन्स मोटर पर लोड का मान बढ़ जाने पर इसका रोटर कम्पन्न करने लगताहै। यह दोष हंटिग दोष कहलाता है।> हंटिग दोष को दूर करने के लिए फिल्डों पर डैम्पर वाइन्डिग स्थापित की जाती|है।सिंक्रोनस मोटर के रोटर की संरचना में परिवर्तन करके उसे ऑटो सिक्रोन्स मोटर अर्थात् सैल्फ स्टार्ट बनाया जाता है।

> यदि किसी इन्डकशन मोटर में स्टेटर गति तथा रोटर गति बराबर हो जाये तोवह मोटर सिक्रोन्स मोटर की भांति कार्य करेगी।सिक्रोन्स मोटर का टॉर्क बढाने तथा सैल्फ स्टार्ट बनाने के लिए डैम्पर वाइन्डिग की जाती है।

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