ईलैक्ट्रॉनिक्स part 3ईलैक्ट्रॉनिक्स part 3

> P-N जंक्शन डायोड मे विधुत धारा का प्रवाह केवल अग्र अभिनति मे होता है पश्र्च मे नही । > P-N जंक्शन डयोड मे कोटर ग्राहि तथा इलैक्ट्रॉन दाता कहलाते है। > P-N जंक्शन डयोड कि अग्र अभिनति मे अवक्षय परत कि चौडाई घटती है तथा पश्र्च अभिनति मे अवक्षय परत कि चौडाई बढ़ती है। […]

ईलैक्ट्रॉनिक्स part 4ईलैक्ट्रॉनिक्स part 4

> LED को प्रचालित करने कि लिये अग्र वोल्टता पतन 1.7 वोल्ट से 3 वोल्ट तकहोता है तथा अग्र धारा का न्युनतम मान 20mA तक व अधिकतम 50mA तकहोता है> LED को रिवर्स बायस अवस्था में दी जा सकने वली अधिकतम वोल्टेज का मान 8वोल्ट होता है, इससे अधिक वोल्टेज देने पर LED नष्ट हो […]

ईलैक्ट्रॉनिक्स part 5ईलैक्ट्रॉनिक्स part 5

> दिष्टकरी परिपथ चार प्रकार के होते है 1- अर्द्ध तरंग दिष्टकारी 2- पूर्ण तरंग दिष्टकारी 3- सेतु पूर्ण दिष्टकारी 4- तीन फेज दिष्टकारी > अर्द्ध तरंग दिष्टकारी परिपथ मे केवल एक डायोड प्रयोग किया जाता है > अर्द्ध तरंग दिष्कारी परिपथ की निर्गत (output) डी.सी वोल्टेज,निवेश (input) ए.सी वोल्टेज की 0.45 गुणा होती है […]

ईलैक्ट्रॉनिक्सईलैक्ट्रॉनिक्स

> विज्ञान की वह शाखा जिसमें इलेक्ट्रोन एवं अन्य आवेश वाहको का, निर्वात एवं अद्धर्चालको मे से प्रवाह एवं उंके अनुप्रयोगो का अध्यय्न किया जाता है। इलेक्ट्रोनिक्स कहलाती है। > इलेक्ट्रॉनिक परिपथो में प्रयोग किये जने वाले पुर्जे दो प्रकार के होते है 1.निष्क्रिय घटक ( passive )  ( 2.) सक्रिय घटक (active) > जो […]